✎ निर्वाचन आयोग द्वारा मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन पर उप-चुनाव रद्द करने का ऐतिहासिक उदाहरण तमिलनाडु में हुआ।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**हिंदी में नोट:**
सन् 1993 में तमिलनाडु के रणिपेट विधानसभा उपचुनाव को निर्वाचन आयोग ने रद्द कर दिया था, जब मुख्यमंत्री जयललिता ने कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की थी। उस समय एआईएडीएमके सरकार द्वारा 503 करोड़ रुपये की योजनाओं और दक्षिण अरकाट जिले के विभाजन की घोषणा की गई थी, जिसे निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना। आयोग ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा, किंतु सरकार की चुप्पी को तथ्यों की स्वीकृति के रूप में देखा गया। आयोग ने कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होती है, अतः उपचुनाव रद्द किया जाता है। इस मामले में उच्च न्यायालय ने भी आयोग के निर्णय पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
यह घटना भारतीय राजनीति में आदर्श आचार संहिता के पालन की गंभीरता को दर्शाती है, जो वर्तमान में भी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, एसएससी, आरबीआई ग्रेड बी आदि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंकिंग और प्रशासनिक सेवाओं में भी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी निर्वाचन आयोग की भूमिका और आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। इस घटना से यह समझा जा सकता है कि सरकार द्वारा जनहितकारी योजनाओं की घोषणा भी चुनाव के दौरान प्रतिबंधित होती है, ताकि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न हो।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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