
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा आयोजित जिला कलेक्टरों के 13वें पेयजल संवाद में जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के अंतर्गत सामुदायिक स्वामित्व, संसाधन स्थिरता और सेवा वितरण को सुदृढ़ बनाने पर चर्चा हुई। इस संवाद में उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, तमिलनाडु, ओडिशा और झारखंड के पांच जिलों ने ग्रामीण पेयजल प्रशासन में नवोन्मेषी पद्धतियों का प्रदर्शन किया। डीडीडब्ल्यूएस सचिव अशोक के.के. मीना ने इस मंच को सहकर्मी शिक्षण का माध्यम बताया, जहाँ जिला प्रशासनों ने ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों के प्रभावी संचालन, रखरखाव और सामुदायिक स्वामित्व को बढ़ावा देने के लिए नवीन तौर-तरीकों को साझा किया। उन्होंने डेटा-आधारित शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल देते हुए जिला जल एवं स्वच्छता मिशनों की नियमित बैठकों और पोर्टल पर विवरण अपलोड करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भूजल पुनर्भरण, स्रोत संरक्षण और जल संरक्षण उपायों को अन्य राष्ट्रीय पहलों के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण पेयजल सेवा वितरण में सुधार के लिए इस संवाद का आयोजन बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। इस मिशन के माध्यम से सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए सामुदायिक भागीदारी, तकनीकी नवाचार और संस्थागत निगरानी पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो शासन और प्रशासन विषयों के अंतर्गत पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, जल संसाधन प्रबंधन, डिजिटल शासन और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों पर भी इस मिशन से संबंधित प्रश्न परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं। इस प्रकार, जल जीवन मिशन 2.0 का अध्ययन न केवल सामान्य जागरूकता बल्कि अर्थव्यवस्था, शासन और पर्यावरण जैसे व्यापक विषयों को समझने में भी सहायक सिद्ध होगा।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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