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एमएस अधिनियम, 2013 के तहत किए गए नए सर्वेक्षण में कोई भी हाथ से मैला ढोने वाला नहीं मिलाः सरकार — concept mind map

✎ मैनुअल स्कैवेंजिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा सरकार द्वारा मशीनीकरण एवं कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

MS Act 2013 Survey ResultsManual ScavengersNone found2023-24 surveySewer Workers89,915 identifiedNAMASTE schemeMS Act 2013Prohibits manual scavengingEnforces mechanized sanitation
MS Act 2013 Survey Results

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance

भारत सरकार ने ‘मैनुअल स्कैवेंजर्स के तौर पर रोजगार पर रोक और उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013’ (एमएस अधिनियम, 2013) के तहत पूरे देश में किए गए एक नए सर्वेक्षण में किसी भी हाथ से मैला ढोने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं की गई है। यह सरकार द्वारा संसद में दिए गए लिखित उत्तर में बताया गया है, जिसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने राज्यसभा में सदन को जानकारी दी। सरकार ने बताया कि 2023-24 में शुरू की गई ‘नमस्ते’ (NAMASTE) योजना के माध्यम से सीवर और सेप्टिक टैंक में काम करने वाले 89,915 कर्मचारियों की पहचान की गई है, जिनके कल्याण और सुरक्षा के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। इसमें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) का वितरण, स्वास्थ्य बीमा, मशीनीकरण को बढ़ावा देना और खतरनाक सफाई को रोकने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत ‘यूज्ड वॉटर मैनेजमेंट’ (UWM) को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, जिसका उद्देश्य मशीनीकरण के माध्यम से अस्वच्छ शौचालयों और सीवरों की सफाई को सुरक्षित बनाना है।

यह विषय बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सामाजिक न्याय, कानूनी प्रावधानों और सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। एमएस अधिनियम, 2013 के तहत हाथ से मैला ढोने की प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाएं जैसे नमस्ते और स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0, शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और सामाजिक सुरक्षा को दर्शाते हैं। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य न केवल सामाजिक समानता को बढ़ावा देना है, बल्कि आर्थिक विकास में भी योगदान देना है, जो बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में नीति निर्माण और कार्यान्वयन के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंग

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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