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अखिल भारत: खरीफ फसल के लिए बुवाई क्षेत्र की प्रगतिशील रिपोर्ट- साप्ताहिक क्षेत्रफल कवरेज (दिनांक 28 अगस्त 2026 तक) — concept mind map
2026 में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल: धान में कमी, दलहन में वृद्धि- जानिए पूरा विश्लेषण — खरीफ फसल 2026-27: बुवाई क्षेत्रफल में अंतर (लाख हेक्टेयर, 28 अगस्त तक)
आरेख: खरीफ फसल 2026-27: बुवाई क्षेत्रफल में अंतर (लाख हेक्टेयर, 28 अगस्त तक)

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance

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अखिल भारत में खरीफ फसलों की बुवाई क्षेत्र की प्रगतिशील रिपोर्ट (28 अगस्त 2026 तक) के अनुसार, कुल बुवाई क्षेत्र 1104.25 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18.91 लाख हेक्टेयर कम है। इसमें प्रमुख फसलों में धान का क्षेत्रफल 414.10 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष के 428.46 लाख हेक्टेयर से 14.36 लाख हेक्टेयर कम है, जबकि दलहन में 1.39 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। तिलहन और गन्ने के क्षेत्रफल में भी मामूली कमी दर्ज की गई है, जबकि कपास और जूट-मेस्ता में लगभग समान स्तर बना रहा है। राज्यवार विश्लेषण से पता चलता है कि धान की खेती में कर्नाटक, तेलंगाना और झारखंड में सबसे अधिक कमी आई है, जबकि दलहन में उत्तर प्रदेश और झारखंड में वृद्धि हुई है। यह रिपोर्ट कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं।

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यह रिपोर्ट कृषि क्षेत्र की गतिशीलता और सरकारी नीतियों के प्रभाव को समझने के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में कृषि क्षेत्र से संबंधित प्रश्नों के लिए यह डेटा महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मुद्रास्फीति और सरकारी योजनाओं जैसे विषयों पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, एसएससी परीक्षाओं में भी कृषि उत्पादन और राज्यवार आंकड़ों से संबंधित प्रश्नों के लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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