प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
28 से 30 अक्टूबर 2026 तक तिरुवनंतपुरम में आयोजित राज्य स्तरीय औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार वर्ष संशोधन पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा केरल सरकार के सहयोग से किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य आईआईपी के आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 करना है, ताकि औद्योगिक उत्पादन में वर्तमान संरचना, उत्पाद विविधता और उत्पादन के बदलते स्वरूप को अधिक सटीकता से प्रतिबिंबित किया जा सके। इसमें वस्तुओं की टोकरी, भारांक आरेख, आंकड़ों के स्रोत और राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण (एनआईसी) 2025 जैसे विषयों पर चर्चा हुई, जिससे राज्यों की तकनीकी क्षमता मजबूत हो सके।
यह कार्यशाला बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि आईआईपी देश की औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख संकेतक है। इससे नीति निर्माताओं, निवेशकों और अर्थव्यवस्था के विश्लेषकों को औद्योगिक उत्पादन के रुझानों को समझने में मदद मिलती है, जो सीधे आर्थिक विकास, मुद्रास्फीति और रोजगार जैसे मुद्दों से जुड़ा होता है। आधार वर्ष में संशोधन से आंकड़ों की विश्वसनीयता बढ़ेगी, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में ऋण नीति और जोखिम मूल्यांकन में भी सुधार होगा। साथ ही, एसएससी परीक्षाओं में भी इस तरह के आर्थिक संकेतकों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जिससे उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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