
✎ विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में सर्वसम्मति, सर्वोच्च न्यायालय के अनुमोदन और पारदर्शिता आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**निर्वाचन आयोग (EC) ने स्पष्ट किया कि सभी विशेष गहन संशोधन (SIR) के निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए तथा कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र नीति मामलों से संबंधित नहीं हैं। आयोग ने कहा कि SIR के आदेश सभी तीन निर्वाचन आयुक्तों की सहमति से पारित किए गए तथा मतदाता सूची में नाम शामिल करने वाले फॉर्म 6 में किए गए परिवर्तन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी बरकरार रखे गए हैं। आयोग ने बताया कि दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र नीति मामलों से संबंधित नहीं थे, बल्कि एक अधिकारी द्वारा किए गए कार्य पुनर्वितरण आदेशों से जुड़े थे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में लिए गए SIR के निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए तथा इन्हें सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी मान्यता दी गई है।**
**यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें निर्वाचन आयोग की संरचना, उसके निर्णय प्रक्रिया तथा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की भूमिका का उल्लेख है। बैंकिंग परीक्षाओं में नीति निर्माण तथा संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी में शासन व्यवस्था तथा न्यायिक सक्रियता के मुद्दे भी शामिल होते हैं। इस प्रकार, यह मामला संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग की स्वायत्तता तथा उसके निर्णयों की कानूनी वैधता को समझने में सहायक है।**
स्रोत: orissapost.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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