✎ केरल में बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु विद्यालय परामर्शदाताओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य में स्कूलों में कार्यरत मनोवैज्ञानिक परामर्शदाताओं के लिए दिशानिर्देश जारी करने हेतु सामान्य शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभागों को संयुक्त रूप से कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह निर्देश कोझिकोड में आयोग द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले लगभग 200 मनोवैज्ञानिक परामर्शदाताओं की मांग के बाद आया है। कार्यक्रम में आयोग के सदस्य बी. मोहनकुमार ने उद्घाटन किया, जबकि सदस्य शाजेश भास्कर पी. ने अध्यक्षता की। कार्यकारी अध्यक्ष सिसली जोसेफ ने विषय प्रस्तुत किया तथा क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक रसीना किदंगेल और रहीमुद्दीन पी.के. ने बच्चों की मानसिक, भावनात्मक तथा साइबर संबंधी चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर व्याख्यान दिए। यह पहल बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को संरक्षित करने तथा स्कूलों में प्रभावी परामर्श प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस विषय की प्रासंगिकता बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से राज्य द्वारा बाल अधिकारों के संरक्षण हेतु उठाए गए कदमों तथा सरकारी विभागों की भूमिका को समझा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसे विषय समाज के प्रति सरकार की जवाबदेही तथा कल्याणकारी नीतियों के निर्माण में सरकार की सक्रियता को भी दर्शाते हैं, जो समसामयिक मामलों तथा नीति निर्माण से संबंधित प्रश्नों में सहायक हो सकते हैं।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


2 comments on “केरल बाल अधिकार आयोग ने स्कूल काउंसलरों के लिए जारी किए दिशानिर्देश”