✎ झारखंड के गिरिडीह में मिले तांबे के विशाल भंडार से औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड स्थित बरगंडा क्षेत्र में तांबे के विशाल भंडार की पुष्टि हुई है। राज्य सरकार के भूतत्व विभाग और भारत सरकार के उपक्रम एमईसीएल द्वारा किए गए भूगर्भीय सर्वेक्षण में उच्च गुणवत्ता वाले तांबा अयस्क के लगभग एक वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले भंडार का पता चला है। वर्ष 2018 में प्रारंभिक जांच में तांबा, जस्ता और सीसा के अंश मिलने के बाद गहरी ड्रिलिंग कराए जाने पर उच्च कोटि का तांबा अयस्क मिला था। एमईसीएल ने हाल ही में अपनी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस खोज से झारखंड को तांबे के प्रमुख उत्पादक राज्यों की सूची में शामिल होने का अवसर मिल सकता है, जबकि देश में मध्य प्रदेश के बालाघाट और राजस्थान के खेतरी के बाद गिरिडीह तीसरा बड़ा भंडार बन सकता है।
इस खनिज संसाधन की खोज का महत्व आर्थिक दृष्टि से अत्यधिक है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डेटा केंद्रों और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में तांबे की मांग तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक उन्नत एआई डेटा केंद्र के निर्माण में लगभग 50,000 टन तांबे की आवश्यकता होती है, जिसके कारण पिछले तीन वर्षों में तांबे की कीमत में 75 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्तमान में तांबे की कीमत लगभग 1,400 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो निर्यात और घरेलू उद्योगों के लिए लाभकारी हो सकती है। इस प्रकार, यह खोज न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगी बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आत्मनिर्भर्भता और निर्यात क्षमता में भी वृद्धि करेगी, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषय है।
स्रोत: amarujala.com
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