प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
टेलंगाना उच्च न्यायालय ने बुधवार को फैसला सुनाया कि अधिकृत जीएसटी पोर्टल के माध्यम से उत्पन्न जीएसटी मांग नोटिस केवल इसलिए अमान्य नहीं ठहराए जा सकते क्योंकि उन पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति एन. तुकारामजी तथा जी.एम. मोहिउद्दीन की पीठ ने 500 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं को निर्धारित अवधि के भीतर बकाया मांगों का निपटान करना होगा। हालांकि पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन याचिकाकर्ताओं ने नोटिसों या आकलन आदेशों पर आपत्ति जताई थी, वे जीएसटी कानून के तहत अन्य वैधानिक उपचार जैसे अपीलीय प्राधिकरण से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि कर भुगतान के नोटिसों पर संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं और हस्ताक्षर के अभाव में कार्यवाही अमान्य हो जाती है। न्यायालय ने इस बड़े प्रश्न पर विचार करने के लिए पूर्ण पीठ का गठन किया था कि क्या अधिकारियों के हस्ताक्षर रहित नोटिस वैध हैं या नहीं। सुनवाई के दौरान 18 सितंबर, 2025 को जीएसटी अधिकारियों ने पीठ के समक्ष लगभग दो घंटे तक लाइव प्रदर्शन कर बताया कि जीएसटी पोर्टल किस प्रकार कार्य करता है। उन्होंने विस्तार से बताया कि अधिकृत अधिकारी किस प्रकार डिजिटल कुंजियों का उपयोग कर कंप्यूटर प्रणाली से नोटिस जारी करते हैं। सरकार की ओर से पेश अधिकारीयों ने कहा कि नोटिस पर हस्ताक्षर का अभाव इस बात का प्रमाण नहीं है कि अधिकारी ने उसे प्रमाणित किए बिना जारी किया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि माल एवं सेवा कर नेटवर्क ने यह पुष्टि की है कि कारण बताओ नोटिस और आदेश केवल तभी उत्पन्न होते हैं जब संबंधित अधिकारी डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग कर प्रणाली में लॉग इन करता है।
इस फैसले का बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जीएसटी कर प्रणाली देश की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ है। बैंकिंग क्षेत्र में जीएसटी के प्रभाव, कर संग्रह, राजस्व में वृद्धि तथा आर्थिक गतिविधियों पर इसके प्रभाव जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में जीएसटी से संबंधित कानूनी पहलुओं, कर प्रणाली में डिजिटलीकरण तथा कर प्रशासन में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर भी प्रश्न पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में जीएसटी के माध्यम से राजस्व संग्रह, मुद्रास्फीति नियंत्रण तथा आर्थिक नीति निर्माण में इसके योगदान जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इस प्रकार, जीएसटी से संबंधित नवीनतम न्यायिक फैसलों तथा उनके आर्थिक प्रभावों की समझ परीक्षार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
स्रोत: The Hindu
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