प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
वस्त्र मंत्रालय द्वारा चलाए गए ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के अंतर्गत ‘स्वच्छता से समृद्धि – कबाड़ से जुगाड़’ थीम के तहत विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें भारतीय पटसन निगम लिमिटेड, राष्ट्रीय पटसन बोर्ड, विकास आयुक्त (हथकरघा) तथा राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान शामिल थे। इन पहलों के माध्यम से समुदायों से कचरा एकत्र किया गया तथा लोगों को रीड्यूस, रीयूज और रीसायकल (आरआरआर) के सिद्धांतों, स्वच्छता के महत्व और एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने के प्रति जागरूक किया गया। कर्मचारियों द्वारा एकत्रित कचरे को रचनात्मक तरीके से उपयोगी वस्तुओं जैसे पेन होल्डर, डस्टबिन, पर्यावरण अनुकूल पेपर बैग तथा पुराने कपड़ों के बैग में परिवर्तित कर स्थानीय लोगों में वितरित किया गया, जिससे टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को बढ़ावा मिला। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय पटसन बोर्ड द्वारा हाउसकीपिंग कर्मचारियों तथा सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए, जिनमें सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, रक्त जांच तथा ईसीजी शामिल थे, जिससे उनके स्वास्थ्य एवं कल्याण की निगरानी सुनिश्चित हुई। विकास आयुक्त (हथकरघा) द्वारा कार्यालयों में एकल-उपयोग प्लास्टिक पर रोक लगाने तथा निरंतर निगरानी की पहल की गई, जबकि राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा वृक्षारोपण तथा अपशिष्ट से कला निर्माण जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन दिया गया।
यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका सीधा संबंध बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं से है। बैंकिंग क्षेत्र में, विशेष रूप से आरबीआई ग्रेड बी तथा एसबीआई पीओ जैसी परीक्षाओं में पर्यावरणीय पहलों, सरकारी योजनाओं तथा सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इस अभियान के माध्यम से वस्त्र मंत्रालय द्वारा अपनाए गए आरआरआर सिद्धांत तथा अपशिष्ट से धन सृजन की अवधारणा ‘कचरा ही कंचन है’ राष्ट्रीय स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन तथा सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो एसडीजी 11 (टिकाऊ शहर एवं समुदाय) तथा एसडीजी 12 (जिम्मेदार उपभोग एवं उत्पादन) से जुड़ी है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छता अभियानों के माध्यम से स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने से ‘स्वच्छ भारत अभियान’ जैसी सरकारी योजनाओं के प्रति सरकार की सक्रिय भूमिका का पता चलता है, जो परोक्ष रूप से बैंकिंग क्षेत्र में ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक एवं शासन) मानकों तथा वित्तीय समावेशन से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने में सहायक सिद्ध हो सकता है। एसएससी परीक्षाओं में भी सरकारी पहलों, नीतियों तथा उनके प्रभावों से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से इस अभियान की प्रासंगिकता स्पष्ट होती है, जिससे उम्मीदवारों को पर्यावरणीय स्थिरता तथा सरकारी योजनाओं के अंतर्संबंध को समझने में मदद मिलती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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