प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 में लागू की गई ट्रेनी नियुक्ति नीति को असांविधानिक घोषित कर दिया है, जिससे चिकित्सा अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के पश्चात नियमों में मध्यावर्ती परिवर्तन करना संविधान के विरुद्ध है। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और रंजन शर्मा की खंडपीठ ने माना कि 2024 के कर्मचारी अधिनियम के आधार पर डॉक्टरों को ट्रेनी बनाना अवैध है, क्योंकि पूर्व में ही इसी अधिनियम को देवेंद्र कुमार मामले में असांविधानिक घोषित किया जा चुका था। न्यायालय ने निर्देश दिया कि चयनित डॉक्टरों को वर्ष 2012 के भर्ती नियमों के तहत अनुबंध कर्मचारियों के रूप में मान्यता दी जाए तथा उन्हें उच्च शिक्षा (पीजी/एसएस) और नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) जैसे लाभ प्रदान किए जाएं।
यह निर्णय बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संवैधानिक प्रावधानों, लोक सेवा आयोग की भूमिका तथा सरकारी भर्ती प्रक्रिया से संबंधित संवैधानिक सिद्धांतों पर प्रकाश डाला गया है। परीक्षाओं में इस प्रकार के मामलों से प्रश्न संविधान के अनुच्छेद 14 (विधि के समक्ष समानता), अनुच्छेद 16 (सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता) तथा न्यायिक पुनर्विलोकन की अवधारणा पर आधारित हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सरकारी नीतियों के कानूनी वैधता एवं प्रशासनिक आदेशों की सीमाओं संबंधी प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रशासनिक कानून एवं संवैधानिक कानून के पाठ्यक्रम से जुड़े होते हैं।
स्रोत: amarujala.com
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