
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
**अगली पीढ़ी का जीएसटी और भारत के विकास का अगला चरण**
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अगली पीढ़ी का जीएसटी दो प्रमुख उद्देश्यों के साथ शुरू किया गया है—कर दरों में कमी और तर्कसंगतता लाना तथा अनुपालन को सरल बनाना। 2017 में लागू जीएसटी ने अप्रत्यक्ष कराधान के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा तैयार किया था, और अब अगली पीढ़ी का जीएसटी उस प्रयास को आगे बढ़ा रहा है। इसमें दरों में सुधार के साथ-साथ कर प्रणाली को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर ध्यान दिया गया है। इससे न केवल व्यवसायों को स्थिरता मिलेगी, बल्कि करदाताओं को भी अनुपालन में आसानी होगी। इसके परिणामस्वरूप अप्रैल-सितंबर 2026 में सकल जीएसटी संग्रह ₹12.46 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.6% अधिक है। यह वृद्धि सभी क्षेत्रों और राज्यों में देखी गई है, जिससे अर्थव्यवस्था में व्यापक सुधार का संकेत मिलता है।
जीएसटी के माध्यम से कर संग्रह में वृद्धि के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) को भी लाभ मिल रहा है। 1.71 करोड़ जीएसटी पंजीकरण और समय पर जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल करने में 12.6% की वृद्धि दर्शाती है कि व्यवसायों में अनुपालन बढ़ रहा है। इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रभावी उपयोग से व्यवसायों को कार्यशील पूंजी में सुधार मिल रहा है, जबकि ₹1.80 लाख करोड़ के रिफंड ने उद्यमों को तरलता प्रदान की है। राज्यों की राजस्व स्थिति भी मजबूत हुई है, जिससे विकास कार्यों में निवेश बढ़ाने में मदद मिल रही है। यह प्रणाली न केवल कर संग्रह को बढ़ावा दे रही है, बल्कि व्यापार सुगमता और आर्थिक वृद्धि के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार कर रही है।
**बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिकता:**
बैंकिंग परीक्षाओं में जीएसटी के माध्यम से कर संग्रह, राजस्व वृद्धि और आर्थिक सुधारों पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में जीएसटी के विभिन्न पहलुओं जैसे कर दरों, पंजीकरण प्रक्रिया और इनपुट टैक्स क्रेडिट पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में जीएसटी के माध्यम से राजकोषीय नीति, राजस्व संग्रह और आर्थिक सुधारों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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