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केरल राजस्व विभाग ने 2017 के सर्वेक्षण संख्या सुधार परिपत्र को रद्द किया, जानिए क्यों
2017 बनाम 2026 परिपत्र2017 परिपत्र2026 परिपत्रउद्देश्यसर्वेक्षण संख्या सुधार की अनुमतिपरिपत्र रद्द करनाप्रभावगलत सुधार संभवगलत सुधार रोकनाकारणगलत प्रविष्टियाँव्यापक दुरुपयोगप्रकरण संख्या600+ मामलेनिलंबित
2017 बनाम 2026 परिपत्र

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance

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केरल सरकार के राजस्व विभाग ने 2017 में जारी एक परिपत्र को रद्द कर दिया है, जिसके माध्यम से भूमि सर्वेक्षण संख्या में सुधार की अनुमति दी गई थी। इस परिपत्र के दुरुपयोग की शिकायतें मिलने के बाद विभाग ने इसे वापस ले लिया है। सूत्रों के अनुसार, इस परिपत्र का उपयोग कर 600 से अधिक मामलों में भूमि सर्वेक्षण संख्या में गलत तरीके से संशोधन किया गया, जिससे भूमि विवाद उत्पन्न हुए। विभाग ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार करें, जिनमें 2017 के परिपत्र के आधार पर सर्वेक्षण संख्या में बदलाव किया गया हो। इसके बाद इन सभी भूमि दस्तावेजों की पुनः जांच की जाएगी।

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इस मामले की प्रासंगिकता प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी के लिए महत्वपूर्ण है। सरकारी नीतियों और उनके दुरुपयोग के मामलों का अध्ययन परीक्षा में प्रश्नों के रूप में पूछा जा सकता है। इसके अलावा, भूमि सुधार और राजस्व प्रशासन से संबंधित मुद्दे प्रशासनिक क्षमता और आर्थिक सुधारों के दृष्टिकोण से भी प्रासंगिक हैं। ऐसे मामलों से सरकारी पारदर्शिता और भ्रष्टाचार निरोधक नीतियों के बारे में भी जानकारी मिलती है, जो विभिन्न परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं।

स्रोत: The Hindu


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