plutusacademy
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया: सशक्त लोकतंत्र कैसे बनता है?

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

सशक्त लोकतंत्र संवाद, विविध विचारों और सार्थक जनभागीदारी पर आधारित होता है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हाल ही में गोवा विधानसभा के रजत जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती इसी में निहित है कि इसमें असहमति के लिए भी स्थान हो और विधायी प्रक्रिया में विविध दृष्टिकोण शामिल किए जाएं। उन्होंने बताया कि भारत की लोकतांत्रिक ताकत उसकी संस्थाओं की विविध विचारों को समाहित करने की क्षमता पर टिकी है, जिसने वैश्विक मंच पर देश की आवाज को मजबूत किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने प्रौद्योगिकी और युवाओं की भागीदारी को लोकतंत्र का नया आयाम बताया, जिससे नागरिकों को विधायी प्रक्रियाओं की जानकारी मिल सके और विधानमंडलों में पारदर्शिता बढ़े। उन्होंने राज्य विधानमंडलों के बीच नवाचारों को अपनाने में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान किया, ताकि सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान हो सके।

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

लोकसभा अध्यक्ष ने गोवा विधानसभा को अगले 25 वर्षों के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप तैयार करने का सुझाव दिया, जिसमें युवाओं, महिलाओं और नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि गोवा जैसे राज्यों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की विशेष जिम्मेदारी होती है, जहां प्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच सीधा संवाद होता है। उन्होंने गोवा की विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने अपनी विरासत, प्राकृतिक पर्यावरण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाया है। लोकसभा अध्यक्ष ने विधानमंडलों को अधिक जवाबदेह, उत्तरदायी और परिणाम-उन्मुख बनाने पर जोर दिया, जिससे नागरिकों की आकांक्षाओं को नीतियों और कानूनों में परिवर्तित किया जा सके। यह दृष्टिकोण न केवल लोकतंत्र को मजबूत करेगा, बल्कि बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए भी प्रासंगिक है, जहां संवैधानिक संस्थाओं, शासन प्रणाली और जनभागीदारी जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


Related guides on our sites