प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
संस्कृति मंत्रालय द्वारा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजित “स्वच्छता ही सेवा” अभियान 2026 ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जन-भागीदारी के प्रति राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ किया। इस अभियान के दौरान संस्कृति मंत्रालय के 43 संगठनों और सांस्कृतिक संस्थानों ने स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों के कायाकल्प, श्रमदान, जागरूकता कार्यक्रम, कचरे से कला पहल और विषयगत प्रतियोगिताओं सहित विविध गतिविधियों का आयोजन किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य कचरे का पृथक्करण, एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक में कमी और ‘3आर’ (कम करें, पुनः उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें) सिद्धांतों को बढ़ावा देना था। इन प्रयासों ने सांस्कृतिक धरोहरों, स्मारकों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करते हुए पर्यावरणीय स्थिरता और टिकाऊ विकास के प्रति जन-आंदोलन को प्रेरित किया। अभियान के दौरान 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने 424 सीटीयू का कायाकल्प किया, 128 सार्वजनिक स्थानों की सफाई की गई, और 207 नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लाखों लोगों तक स्वच्छता संदेश पहुंचाया गया। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय अभिलेखागार, पुराना किला और विभिन्न स्मारकों पर वृक्षारोपण तथा श्रमदान अभियानों का आयोजन किया गया, जिससे जन-भागीदारी की भावना को बल मिला।
यह अभियान बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें सरकारी योजनाओं, स्वच्छ भारत अभियान, पर्यावरण संरक्षण और जन-भागीदारी जैसे विषयों का समावेश है, जो इन परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में प्रमुखता से शामिल होते हैं। बैंकिंग क्षेत्र में, सरकारी पहलों के प्रति जन-जागरूकता और सामाजिक दायित्व (सीएसआर) जैसे मुद्दे अक्सर पूछे जाते हैं, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी में पर्यावरणीय नीतियों, राष्ट्रीय अभियानों और उनकी सफलता के आंकड़ों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। अभियान के दौरान किए गए प्रयास जैसे ‘3आर’ सिद्धांत, स्मारकों की सफाई, और वृक्षारोपण, सरकार की ‘स्वच्छ भारत’ और ‘पर्यावरण संरक्षण’ जैसी नीतियों के व्यावहारिक कार्यान्वयन को दर्शाते हैं, जो परीक्षाओं में विश्लेषणात्मक और तथ्यात्मक प्रश्नों के रूप में पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, अभियान के दौरान हुई जन-भागीदारी और सोशल मीडिया के माध्यम से इसके प्रसार ने डिजिटल इंडिया और जन आंदोलनों के महत्व को भी रेखांकित किया, जो समसामयिक मामलों के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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