प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
मजबूत लोकतंत्र की नींव बातचीत, विभिन्न विचारों और लोगों की सार्थक भागीदारी पर टिकी होती है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गोवा विधानसभा के रजत जयंती समारोह में कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में असहमति और बहस के लिए जगह होनी चाहिए, क्योंकि इससे विधायी प्रक्रिया में विभिन्न दृष्टिकोण शामिल होते हैं। उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक ताकत को उसकी संस्थाओं की विविधता को स्वीकार करने की क्षमता बताया, जो वैश्विक स्तर पर देश की आवाज़ को मजबूत करती है। उन्होंने तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने और युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया, जिससे लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका और प्रभावी हो सके। इसके अलावा, उन्होंने राज्य विधानसभाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि बेहतर विधायी प्रक्रियाओं और संस्थागत सुधारों को अपनाया जा सके।
लोकसभा अध्यक्ष ने गोवा जैसे छोटे राज्यों में चुने हुए प्रतिनिधियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला, जहां जनता और प्रतिनिधियों के बीच बेहतर संपर्क होता है। उन्होंने गोवा विधानसभा से आग्रह किया कि वह अगले 25 सालों के लिए एक सार्थक रोडमैप तैयार करे, जिसमें युवाओं, महिलाओं और नागरिकों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि लोगों की आकांक्षाओं को नीतियों और कानूनों में कैसे बदला जाता है। इसके अलावा, उन्होंने गोवा के विकास के संतुलन पर भी जोर दिया, जहां आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी किया गया है। यह बात उन परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी के लिए महत्वपूर्ण है, जहां लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और शासन प्रणाली से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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