प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Science & Technology
**बैंकों के लिए ‘क्वांटम-सुरक्षित’ तैयारी क्यों जरूरी?**
वर्तमान में एआई साइबर सुरक्षा के प्रमुख खतरों पर हावी है, लेकिन बैंकिंग क्षेत्र के सामने एक बड़ा संकट ‘क्वांटम कंप्यूटिंग’ के रूप में उभर रहा है। पारंपरिक कंप्यूटिंग में डेटा ‘बिट’ (0 या 1) के रूप में संग्रहित होता है, जबकि क्वांटम कंप्यूटिंग ‘क्यूबिट’ का उपयोग करती है, जो 0 और 1 दोनों अवस्थाओं में एक साथ रह सकता है। इससे क्वांटम कंप्यूटर कुछ गणितीय समस्याओं को पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में बहुत तेजी से हल कर सकते हैं। विशेषकर सार्वजनिक-कुंजी क्रिप्टोग्राफी (जैसे आरएसए और इलिप्टिक-कर्व) पर आधारित एन्क्रिप्शन प्रणालियाँ, जो वर्तमान में बैंकों की डिजिटल सुरक्षा की रीढ़ हैं, क्वांटम कंप्यूटरों के लिए कमजोर हो सकती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जुलाई में बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा और तकनीकी लचीलेपन संबंधी नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जबकि सेबी ने अगस्त में आईटी लचीलेपन सूचकांक लागू किया है। ये कदम वर्तमान खतरों से निपटने के लिए हैं, लेकिन क्वांटम कंप्यूटिंग का खतरा इससे भी आगे का है।
**‘हरवेस्ट नाउ, डिक्रिप्ट लेटर’ का खतरा और तैयारी की अनिवार्यता**
क्वांटम कंप्यूटरों के उभरने से पहले ही साइबर अपराधी ‘हरवेस्ट नाउ, डिक्रिप्ट लेटर’ (एचएनडीएल) रणनीति अपना सकते हैं—यानी वे वर्तमान में एन्क्रिप्टेड डेटा को चुराकर भविष्य में उसे क्वांटम तकनीक से तोड़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 तक क्वांटम कंप्यूटर इतने शक्तिशाली हो सकते हैं कि वे ऐतिहासिक एन्क्रिप्शन को तोड़ सकें। भारत का वित्तीय तंत्र यूपीआई, आधार, आरटीजीएस और एनईएफटी जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से पूरी तरह डिजिटल हो चुका है, इसलिए इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंकों को अब ‘क्वांटम-सुरक्षित’ क्रिप्टोग्राफी अपनाने की तैयारी करनी होगी, जैसे पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी मानकों को लागू करना। यह न केवल एसबीआई पीओ, आईबीपीएस और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि एसएससी के उम्मीदवारों के लिए भी तकनीकी जागरूकता का एक प्रमुख विषय है, जहाँ साइबर सुरक्षा और नवीनतम तकनीकी खतरों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
स्रोत: The Indian Express
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


2 comments on “क्वांटम कंप्यूटिंग: बैंकिंग क्षेत्र के लिए नया बड़ा खतरा और तैयारी की रणनीति”