प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: International Relations
भारत ने 20वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) में आयोजित ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। केंद्रीय विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने फिलीपींस के मनीला में आयोजित इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि देश एक सुरक्षित, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा भविष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारत की एक्ट ईस्ट नीति और आसियान के साथ रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख करते हुए आसियान पावर ग्रिड, क्षेत्रीय विद्युत पारेषण, बहुपक्षीय विद्युत व्यापार और स्वच्छ ऊर्जा सहयोग पर बल दिया। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि भारत ने 2030 के राष्ट्रीय लक्ष्य से पांच साल पहले ही गैर-जीवाश्म ईंधन से 50% विद्युत उत्पादन क्षमता हासिल कर ली है, जिसमें 558.8 गीगावाट स्थापित क्षमता में 55% गैर-जीवाश्म स्रोत शामिल हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत 50.1 करोड़ रूफटॉप सौर पैनल स्थापित किए गए हैं, जिनसे 59.5 करोड़ घरों को लाभ मिला है। यह उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व को दर्शाती है, जो बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण है।
इस बैठक में क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित 2,000 मेगावाट के सीमा पार विद्युत अंतर्संबंध पर भी चर्चा हुई, जिसमें भारत-म्यांमार-थाईलैंड-मलेशिया होते हुए सिंगापुर तक 3,000 किलोमीटर लंबा पारेषण गलियारा शामिल है। श्री नाइक ने नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में भारत के अनुभव को साझा करने की इच्छा व्यक्त की तथा एनटीपीसी, पावरग्रिड और अन्य संस्थानों के माध्यम से आसियान देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। यह पहल न केवल ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगी बल्कि वैश्विक जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति में भी सहायक होगी। बैंकिंग परीक्षाओं के लिए यह विषय अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, ऊर्जा नीति और भारत की वैश्विक भूमिका के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक है, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी इससे संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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