प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
खेतों से सीमाओं तक फैले राष्ट्रीय राजमार्ग-22 (एनएच-22) के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को चार लेन बनाने की परियोजना बिहार के संपर्क और आर्थिक विकास में नया आयाम जोड़ेगी। यह परियोजना कृषि क्षेत्रों, औद्योगिक केंद्रों और भारत-नेपाल सीमा के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी स्थापित करेगी, जिससे माल और यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने अगस्त 2026 में हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल के तहत 3,590.73 करोड़ रुपये की लागत से इस 82.57 किलोमीटर लंबे खंड को चार लेन बनाने की मंजूरी दी है। इससे न केवल क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तरी बिहार में सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी मजबूती मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत औद्योगिक केंद्रों, कृषि उत्पादन क्षेत्रों और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे के बीच संपर्क को मजबूत करेगी, जिससे विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्योगों को सहयोग मिलेगा।
इस परियोजना से मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक पहुंच में सुधार होगा, जिससे यात्रा का समय और परिवहन लागत कम होगी। साथ ही, सात प्रमुख पुलों, तीन रेलवे ओवरब्रिज और दो फ्लाईओवर के निर्माण से यातायात की सुगमता बढ़ेगी और सड़क एवं रेल यातायात के बीच टकराव कम होगा। इसके अलावा, इस कॉरिडोर से बाबा गरीबनाथ मंदिर, माता जानकी मंदिर और बौद्ध सर्किट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच में भी सुधार होगा। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करेगी, बल्कि बिहार के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी, जिससे बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह विषय अत्यंत प्रासंगिक हो जाता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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