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अहमदाबाद में ब्रिक्स पारंपरिक खेल प्रदर्शन 2026: खेल विरासत और सांस्कृतिक एकता का उत्सव
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ब्रिक्स पारंपरिक खेल आयोजन प्रक्रिया

✎ अहमदाबाद में 12 अक्टूबर 2026 को ब्रिक्स पारंपरिक एवं स्वदेशी प्रदर्शन खेल 2026 का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य खेल विरासत और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना था।

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अहमदाबाद में आयोजित ब्रिक्स पारंपरिक एवं स्वदेशी प्रदर्शन खेल 2026 एक ऐतिहासिक आयोजन था, जिसने खेल विरासत और सांस्कृतिक विविधता को एक नया आयाम दिया। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस अवसर पर कहा कि भारत खेल बुनियादी ढांचे में निवेश कर राष्ट्र निर्माण में खेलों को केंद्र में रख रहा है, जिससे युवाओं के समग्र विकास, समावेशिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने ब्रिक्स सदस्य देशों के पारंपरिक खेलों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए तीन व्यावहारिक क्षेत्रों—खेलों का साझा संग्रह तैयार करना, विशेषज्ञों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाना और नियमित प्रदर्शन आयोजित करना—पर बल दिया। इस आयोजन में ब्रिक्स के सभी 10 सदस्य देशों ने अपने पारंपरिक खेलों जैसे मल्लखंभ, योगासन, कलरिपयट्टू, कगाती, ज़ूरखानेह और कैपोएरा का प्रदर्शन कर सांस्कृतिक समझ को गहरा किया। यह पहल न केवल खेलों की विविधता को प्रदर्शित करती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर खेलों को एक साझा विरासत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस आयोजन का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सांस्कृतिक विविधता और खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण जैसे विषय शामिल हैं, जो अक्सर परीक्षा में पूछे जाते हैं। डॉ. मांडविया द्वारा उठाए गए मुद्दे, जैसे खेल बुनियादी ढांचे में निवेश, ‘खेलो इंडिया’ पहल और फिट इंडिया मूवमेंट, सरकार की नीतियों और पहलों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने में सहायक होंगे। इसके अलावा, ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय संगठनों में भारत की भूमिका और पारंपरिक खेलों के संरक्षण जैसे विषय भी सामान्य जागरूकता अनुभाग में पूछे जा सकते हैं। इस प्रकार, यह आयोजन न केवल खेल जगत में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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