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रक्षा मंत्रालय ने जीसैट-7सी और वरुणास्त्र के लिए 4,106 करोड़ रुपये के अनुबंध किए

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Science & Technology

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रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में वायुसेना के लिए जीसैट-7सी संचार उपग्रह और नौसेना के लिए वरुणास्त्र नामक भारी टॉरपीडो की खरीद के लिए कुल 4,106 करोड़ रुपये के दो बड़े रक्षा अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। जीसैट-7सी, जो बेंगलुरु स्थित न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है, वायुसेना की सुरक्षित और निर्बाध संचार क्षमताओं को सुदृढ़ करेगा, जिससे उसकी परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी। वहीं, हैदराबाद स्थित भारत डायनेमिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित वरुणास्त्र, नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता को बढ़ाने वाला एक उन्नत टॉरपीडो है, जिसमें लंबी दूरी से लक्ष्य भेदने की क्षमता है। ये अनुबंध सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियानों के तहत घरेलू रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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इन रक्षा समझौतों का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग क्षेत्र में, रक्षा क्षेत्र के बजट आवंटन, स्वदेशी तकनीक विकास और आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दे करेंट अफेयर्स के रूप में पूछे जाते हैं, जिससे देश की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति पर प्रभाव पड़ता है। एसएससी परीक्षाओं में, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित नवीनतम आविष्कारों और रक्षा तकनीकों के बारे में प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें जीसैट-7सी जैसे उपग्रहों और वरुणास्त्र जैसे उन्नत हथियारों का उल्लेख किया जा सकता है। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में, सरकारी नीतियों, रक्षा बजट और तकनीकी आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जो देश की आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा से जुड़े होते हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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