
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
यूनियन कार्बाइड मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रस्तुत नई रिपोर्ट में जहरीले कचरे के निपटान के दौरान जलाने के बाद बची राख में पारे की मौजूदगी का खुलासा हुआ है। अदालत ने इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए अगली सुनवाई 27 नवंबर 2026 के लिए तय की है। यह मामला 2004 में दायर जनहित याचिका से शुरू हुआ था, जिसमें यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के जहरीले कचरे के सुरक्षित निपटान की मांग की गई थी। इसके बाद बोर्ड के आदेश पर कचरा पीथमपुर स्थित धार जिले में स्थानांतरित किया गया था, किंतु अब राख में पारे की उपस्थिति से पर्यावरणीय चिंताएँ और गहरा गई हैं। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञ समिति से पानी और राख के नमूनों की गहन जांच कराने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह नई रिपोर्ट सामने आई है।
यह मामला न केवल पर्यावरणीय शासन और औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि बैंकिंग और सरकारी नौकरियों के परीक्षार्थियों के लिए भी प्रासंगिक है। आरबीआई ग्रेड बी, एसबीआई पीओ और आईबीपीएस जैसी परीक्षाओं में पर्यावरणीय विनियमन, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और न्यायिक प्रक्रिया जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, एसएससी परीक्षाओं में भी पर्यावरण संरक्षण कानून, जनहित याचिका और न्यायालय के आदेशों से संबंधित मामलों पर बहुविकल्पीय प्रश्नों के रूप में सवाल आ सकते हैं। इस मामले से यह समझा जा सकता है कि किस प्रकार न्यायपालिका पर्यावरणीय मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाती है और सरकारी निकायों को जवाबदेह बनाती है।
स्रोत: amarujala.com
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