
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
ट्रेजरी बिल्स (टी-बिल्स) भारत सरकार द्वारा जारी अल्पकालिक ऋण साधन होते हैं, जिनकी अवधि 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन होती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 14 अक्टूबर, 2026 को आयोजित नीलामी में 91-दिवसीय टी-बिल्स के लिए अधिसूचित राशि 8,000 करोड़ रुपये थी, जबकि प्रतिस्पर्धी बोलियों में 19,609.165 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसमें से 7,600 करोड़ रुपये स्वीकार किए गए, जिसका भारित औसत प्रतिफल (WAY) 5.6964% रहा। इसी प्रकार, 182-दिवसीय टी-बिल्स के लिए अधिसूचित राशि 8,000 करोड़ रुपये थी, जिसमें 15,326 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं और 7,600 करोड़ रुपये स्वीकार किए गए, जिसका WAY 6.2563% रहा। 364-दिवसीय टी-बिल्स के लिए अधिसूचित राशि 7,000 करोड़ रुपये थी, जिसमें 11,790 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं और 6,650 करोड़ रुपये स्वीकार किए गए, जिसका WAY 6.4427% रहा। गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों में भी पर्याप्त रुचि दिखाई गई, जिसमें 10, 3 और 3 बोलियां क्रमशः 91, 182 और 364-दिवसीय टी-बिल्स के लिए स्वीकार की गईं।
ट्रेजरी बिल्स की नीलामी के परिणाम बैंकिंग क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि ये सरकारी ऋण साधनों की तरलता और बाजार की स्थिति को दर्शाते हैं। बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, जैसे कि टी-बिल्स की अवधि, प्रतिफल दर, भारित औसत मूल्य और नीलामी प्रक्रिया। इसके अतिरिक्त, एसएससी परीक्षाओं में भी सरकारी वित्तीय साधनों के बारे में सामान्य ज्ञान के प्रश्न शामिल होते हैं, जिनमें ट्रेजरी बिल्स की भूमिका और उनके महत्व को समझना आवश्यक होता है। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में भी इस विषय पर विस्तृत विश्लेषण की अपेक्षा की जाती है, जिसमें सरकारी ऋण नीति और बाजार स्थितियों का गहन अध्ययन शामिल होता है।
स्रोत: RBI
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