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रक्षा मंत्रालय ने बीईएल के साथ 770 करोड़ रुपये का एयर डिफेंस रडार समझौता किया
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रक्षा मंत्रालय-बीईएल समझौता प्रक्रिया

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security

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रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की हवाई रक्षा क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ लगभग 770 करोड़ रुपये के Improved Low-Level Lightweight Radar (LLLR-I) की खरीद के लिए एक अनुबंध किया है। यह राडार लड़ाकू विमानों के साथ-साथ छोटे और सूक्ष्म ड्रोनों का पता लगाने एवं ट्रैक करने में सक्षम है। इसके अतिरिक्त, यह हवाई लक्ष्यों को प्राथमिकता देने की क्षमता रखता है, जिससे सेना को मानव रहित हवाई प्रणालियों (यूएएस) के खतरों का मुकाबला करने में मदद मिलेगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने तथा रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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इस समझौते का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, रक्षा क्षेत्र के विकास से संबंधित आर्थिक गतिविधियाँ, जैसे कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) का प्रदर्शन, निर्यात वृद्धि एवं अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में निवेश, अर्थव्यवस्था के समग्र विकास को दर्शाते हैं। एसएससी परीक्षाओं में, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा उत्पादन से संबंधित तथ्यों का ज्ञान सामान्य ज्ञान अनुभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता एवं निर्यात वृद्धि जैसे विषय मौद्रिक नीति एवं आर्थिक स्थिरता के संदर्भ में भी प्रासंगिक हो सकते हैं।

स्रोत: orissapost.com


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