प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**हिंदी में नोट (प्राकृतिक परीक्षा शैली):**
अक्टूबर 5 से 7, 2026 तक हुई भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की 63वीं बैठक के मिनट्स में बताया गया कि वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में संघर्ष के पुनः भड़कने और कच्चे तेल की कीमतों में उथल-पुथल के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चित बनी हुई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने ब्याज दरों में वृद्धि की है, जिससे वैश्विक वित्तीय स्थितियां और सख्त हुई हैं। हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली बनी रही है, जहां Q1:2026-27 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि 7.8% रही, जो अपेक्षा से अधिक थी। विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन तथा निर्यात में वृद्धि ने विकास को गति दी। MPC ने सर्वसम्मति से रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि कर इसे 5.50% कर दिया, जबकि SDF दर 5.25%, MSF दर और बैंक दर 5.75% तय की गईं। साथ ही, नीति की स्थिति को “कैलिब्रेटेड टाइटनिंग” में बदल दिया गया।
MPC ने 2026-27 के लिए GDP वृद्धि का अनुमान 7.1% रखा है, जिसमें Q2 में 7.2%, Q3 में 6.9% और Q4 में 6.8% रहने का अनुमान है। हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी और एल नीनो के प्रभाव से कृषि क्षेत्र और ग्रामीण मांग पर जोखिम बना हुआ है, लेकिन सरकार के हस्तक्षेप और खाद्यान्न भंडार के कारण इसका प्रभाव कम रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, सेवा क्षेत्र में निरंतर गति और रोजगार स्थितियों के स्थिर रहने से शहरी मांग को समर्थन मिलेगा। बैंकिंग परीक्षाओं के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि MPC के निर्णय सीधे ऋण दरों, मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि से जुड़े होते हैं, जो बैंकिंग संचालन और वित्तीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं। SSC और RBI ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी मौद्रिक नीति, GDP अनुमान और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इस विषय की गहरी समझ परीक्षार्थियों के लिए लाभकारी होगी।
स्रोत: RBI
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