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दिल्ली उच्च न्यायालय ने EWS छात्रों के लिए यूनिफॉर्म के लिए नकद भुगतान नीति बरकरार रखी

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

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**नोट:**

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित समूहों के उन निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म के लिए नकद भुगतान करने की दिल्ली सरकार की नीति को बरकरार रखा है। न्यायालय ने जनवरी 2023 के अपने पूर्व निर्णय को दोहराते हुए कहा कि सरकार की यह नीति मनमानी या असंवैधानिक नहीं है, क्योंकि यूनिफॉर्मों की खरीद-बिक्री और वितरण में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए नकद हस्तांतरण एक वैध विकल्प है। न्यायालय ने एनजीओ ‘जस्टिस फॉर ऑल’ की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आरटीई अधिनियम के तहत यूनिफॉर्मों के प्रत्यक्ष वितरण की मांग की गई थी। न्यायालय ने माना कि सरकार की नीति न्यायिक हस्तक्षेप से परे एक नीति निर्णय है, जो विवेकपूर्ण और तर्कसंगत है।

इस मामले का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें आरटीई अधिनियम, सरकारी नीतियों, न्यायिक निर्णयों और प्रशासनिक चुनौतियों जैसे विषय शामिल हैं। परीक्षाओं में अक्सर सरकारी योजनाओं, न्यायपालिका की भूमिका और सामाजिक न्याय से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जो इस मामले के माध्यम से आसानी से समझे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, नीति निर्माण और उसके कार्यान्वयन के बीच के अंतर को समझना भी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जो इस मामले में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होता है।

स्रोत: Times of India


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