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श्रम संहिताओं पर राज्य स्तरीय क्षमता विकास कार्यक्रम: लखनऊ में हुआ आयोजन
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श्रम संवाद कार्यक्रम प्रक्रिया

✎ 26-27 अक्टूबर, 2026 को लखनऊ में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'श्रम संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य श्रम संहिताओं, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।

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26 और 27 अक्टूबर, 2026 को लखनऊ में आयोजित ‘श्रम संवाद’ कार्यक्रम श्रम संहिताओं, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता विकास एवं जागरूकता कार्यक्रम था, जिसका आयोजन भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नियोक्ताओं, मानव संसाधन, विधिक और वित्तीय पेशेवरों के बीच नई श्रम संहिताओं और उनके अंतर्गत बनाए गए नियमों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। इसमें श्रम सुधारों, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के संबंध में संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करने तथा केंद्र-राज्य समन्वय और हितधारकों की सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग, ईपीएफओ, ईएसआईसी और डीजीएलडब्ल्यू के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ उद्योग प्रतिनिधियों और विधिक पेशेवरों ने भाग लिया। पहले दिन श्रम सुधारों, सामाजिक सुरक्षा और राज्य के श्रम तंत्र पर केंद्रित तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अभिसरण और असंगठित तथा गिग श्रमिकों तक उनके विस्तार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। दूसरे दिन श्रम संहिताओं के अनुपालन संबंधी व्यावहारिक आवश्यकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा हुई।

यह कार्यक्रम बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें श्रम संहिताओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और श्रमिक कल्याण से संबंधित नवीनतम सुधारों पर प्रकाश डाला गया है। आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी के लिए यह विषय विशेष रूप से प्रासंगिक है, क्योंकि इन परीक्षाओं में आर्थिक एवं सामाजिक विकास, श्रम कानूनों और सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त, बैंकिंग क्षेत्र में भी श्रम कानूनों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का ज्ञान महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि बैंकों को ईपीएफओ, ईएसआईसी और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में सहायता करनी होती है। इस प्रकार, यह कार्यक्रम न केवल श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण को सुनिश्चित करने में सहायक है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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