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एमपी शादी सहायता योजना: ईडी ने 5.37 करोड़ की संपत्ति जब्त की, पूर्व मंत्री के साढ़ू फंसें

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

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मध्य प्रदेश में शादी सहायता योजना के अंतर्गत सरकारी धन के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के साढ़ू शोभित त्रिपाठी सहित उनके सहयोगियों की 5.37 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। ईडी की जांच के अनुसार, सिरोंज जनपद पंचायत में सीईओ रहते हुए त्रिपाठी ने वर्ष 2019 से नवंबर 2021 के बीच 5923 संदिग्ध प्रकरणों में 30.18 करोड़ रुपये की सरकारी राशि स्वीकृत की, जिसके लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। अपात्र लाभार्थियों के नाम पर खोले गए बैंक खातों में राशि जमा कराकर उसे नकद निकाला गया, जिसमें कोविड-19 लॉकडाउन जैसी प्रतिबंधित अवधि में भी सहायता राशि वितरित की गई। ईडी ने इस मामले में पीएमएलए, 2002 के तहत कार्रवाई करते हुए शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है, जबकि आगे की जांच जारी है।

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यह मामला न केवल प्रशासनिक अनियमितताओं और आर्थिक अपराधों को उजागर करता है, बल्कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्व को भी रेखांकित करता है। बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के लिए यह घटना इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि इसमें सरकारी धन के दुरुपयोग के साथ-साथ बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से धन के हस्तांतरण और लॉन्ड्रिंग के तरीकों का भी खुलासा हुआ है। एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह मामला प्रशासनिक सुधारों, ईडी की भूमिका, पीएमएलए अधिनियम तथा सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता जैसे विषयों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, जिससे उम्मीदवारों को वर्तमान घटनाक्रमों के साथ-साथ प्रशासनिक एवं आर्थिक सुधारों की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।

स्रोत: amarujala.com


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