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पुणे मेट्रो परियोजनाएं: शहरी विकास और कनेक्टिविटी को नई गति
पुणे मेट्रो परियोजनाआधारशिला10 वर्ष पहलेउद्घाटनआजविकासशहर को मजबूती
पुणे मेट्रो परियोजना

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लगभग 21,800 करोड़ रुपये की लागत वाली पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे मेट्रो की परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखी, और इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए पुणे और महाराष्ट्र की जनता को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि दस वर्ष पहले उन्होंने ही पुणे मेट्रो के पहले चरण की आधारशिला रखी थी। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि हिंजवड़ी से शिवाजीनगर गलियारे के शुरू होने से एक प्रमुख आईटी हब तक बेहतर संपर्क मिलेगा जबकि आज शुरू की गई नई लाइन शहर के पुराने और नए हिस्सों को आपस में और बेहतर तरीके से जोड़ेगी। प्रधानमंत्री ने पुणे को विचारों का ऐतिहासिक केंद्र बताया जिसने देश और समाज को हमेशा दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि यह शहर अब युवाओं की आकांक्षाओं के केंद्र के रूप में आईटी, ऑटोमोबाइल, औषधि उद्योग, स्टार्टअप, नवाचार और विनिर्माण के क्षेत्रों में ‘विकसित भारत’ की नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पुणे मेट्रो का विस्तार यह दिखाता है कि आधुनिक शहरों को विकसित भारत के लिए किस तरह तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब शहरों को केवल उद्योगों, खान-पान या स्थानीय उत्पादों जैसे पारंपरिक पैमानों से नहीं आंका जाता, बल्कि उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता और जीवन जीने की सुगमता से परखा जाता है। मेट्रो नेटवर्क इन दोनों को बेहतर बनाता है, जिससे लोगों का यात्रा का समय बचता है और उन्हें काफी सुविधा मिलती है। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों का समय बचने से शहरी उत्पादकता बढ़ती है जिससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में भी तेजी आती है। श्री मोदी ने बल देकर कहा, “और जब अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है, तो गरीबों और मध्यम वर्ग, दोनों को इसका लाभ मिलता है।” प्रधानमंत्री ने इस अवसर को लोक-हितैषी और सक्रिय शासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इस बात का उल्लेख किया कि विगत 12 वर्षों में भारत का मेट्रो नेटवर्क 26 शहरों में लगभग 1,200 किलोमीटर तक फैल गया है जिससे प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक यात्री लाभान्वित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज भारत का मेट्रो नेटवर्क दुनिया के शीर्ष तीन मेट्रो नेटवर्कों में गिना जाता है।” प्रधानमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में भी 2014 के बाद से देश जैसा ही बदलाव आया है जब राज्य में केवल 10 से 11 किलोमीटर मेट्रो लाइनें चालू थीं जबकि अब लगभग 175 किलोमीटर मेट्रो लाइनें सेवा में हैं, वहीं 680 किलोमीटर से अधिक पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “यह पैसा श्रमिकों की जेब में जा रहा है, इंजीनियरों को काम दे रहा है और दुकानों तथा कारखानों में भी आजीविका के अवसर पैदा कर रहा है।” प्रधानमंत्री ने नवीन उद्घाटन किए गए कॉरिडोर की एक और विशेषता का उल्लेख करते हुए बताया कि यह मेट्रो लाइन सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के अंतर्गत सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से निर्मित की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह विकास का ऐसा मॉडल है जिसकी सफलता से देश की प्रगति को और गति मिलेगी।” प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत का हर नागरिक और युवा बेटे-बेटियां ‘हम यह करके दिखाएंगे’ की भावना के साथ ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि विगत 12 वर्षों में देश ने ग्रामीण सड़कों, राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, नई और विद्युतीकृत रेल लाइनों, लंबी सुरंगों और ऊंचे पुलों के निर्माण पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। श्री मोदी ने बल देकर कहा, “अब आने वाले वर्षों में इसके साथ ही, देश अपनी ऊर्जा अपने शहरों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों में से एक बनाने में लगाने वाला है।” प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि शहर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के मुख्य इंजन होते हैं और सैकड़ों छोटे शहरों को विकास के केंद्रों में बदला जाना चाहिए। उन्होंने इस वर्ष फरवरी में ‘अर्बन चैलेंज फंड’ को स्वीकृति दिए जाने का उल्लेख किया। इसके अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में निवेश जुटाने के लिए केंद्र सरकार 1 लाख करोड़ रुपये की सहायता देगी। उन्होंने स्थानीय निकायों और निजी क्षेत्र के साझेदारों से आग्रह किया कि वे इस प्रयास में मिशन के रूप में शामिल हों। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि महाराष्ट्र इसमें अपनी भूमिका का और विस्तार करेगा।” प्रधानमंत्री ने भारत के बारे में वैश्विक चर्चा को बढ़ावा देने वाली दो प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र ने कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच विश्व में सबसे तेज विकास दर को बनाए रखा है जबकि विश्व बैंक की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार केवल 10 से 12 वर्षों के भीतर 50 करोड़ नागरिकों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाला है और पीढ़ियों से चले आ रहे दशकों से दिए गए खोखले नारों से आगे बढ़ रहा है। श्री मोदी ने कहा, “पहले गरीबी के खिलाफ लड़ाई केवल नारों में होती थी, आज भारत गरीबी को धरातल पर पराजित कर रहा है।” प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी है और सबसे तेजी से गरीबी घटाने वाला देश भी है– ये दोनों उपलब्धियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि एक बढ़ती अर्थव्यवस्था और विस्तारित बजट बड़े पैमाने पर सार्वजनिक निवेश को सक्षम बनाता है जबकि जो पैसा कभी घोटालों और लीकेज में खो जाता था वह अब सीधे लाभार्थियों तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि जब देश के खज़ाने का पैसा, रोड, रेल, एयरपोर्ट, मेट्रो में लगता है, जब सरकार बिजली, पानी, गैस पाइपलाइन पर निवेश बढ़ाती है, तब लोगों का जीवन भी सुधरता है और उनके लिए रोजगार के मौके भी बढ़ते हैं। पीएम मोदी ने कहा, ”ये दोनों उपलब्धियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।”

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बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए इसकी प्रासंगिकता: यह घटनाक्रम ‘पॉलिटी एंड गवर्नेंस’ खंड के अंतर्गत आता है, जो सरकारी नीतियों, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और उनके आर्थिक प्रभावों पर केंद्रित है। उम्मीदवारों को यह समझना चाहिए कि सरकार की ये पहलें शहरी विकास, रोजगार सृजन और देश की समग्र आर्थिक वृद्धि में कैसे योगदान करती हैं। यह विशेष रूप से सरकारी योजनाओं, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल और भारत के मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से संबंधित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।

यह नोट भारत की आर्थिक प्रगति और गरीबी उन्मूलन के प्रयासों पर भी प्रकाश डालता है, जो अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास से संबंधित प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है। उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कैसे बुनियादी ढांचा निवेश (जैसे मेट्रो परियोजनाएं) शहरी उत्पादकता बढ़ाता है, जिससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को लाभ होता है और गरीबों तथा मध्यम वर्ग दोनों को फायदा मिलता है। यह जानकारी भारतीय अर्थव्यवस्था, सरकारी वित्त और विकास परियोजनाओं के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर आधारित प्रश्नों के लिए उपयोगी है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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