प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**सर्वोच्च न्यायालय ने चिदंबरम मंदिर पर मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाई**
सर्वोच्च न्यायालय ने मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें तमिलनाडु के प्राचीन चिदंबरम सबानायगर मंदिर के प्रशासन के लिए एक प्रबंधन बोर्ड का गठन किया गया था। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने यह सवाल उठाया कि क्या उच्च न्यायालयों के पास केवल सार्वजनिक मंदिरों पर ही ‘पेरेंस पैट्रिया’ (अभिभावक) क्षेत्राधिकार है, न कि अन्य धर्मों के पूजा स्थलों पर। यह आदेश पोधु दीक्षितार (पुजारियों का एक वंशानुगत समुदाय) द्वारा मंदिर के कुप्रशासन के आरोपों के बाद आया था, जिन्हें 2014 में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद मंदिर का संचालन सौंपा गया था। उच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी को बोर्ड में नियुक्त किया था, जिसका उद्देश्य मंदिर परिसर से अनधिकृत निर्माणों को हटाना और अतिक्रमण की गई संपत्तियों को पुनः प्राप्त करना था।
यह मामला बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारतीय न्यायपालिका की कार्यप्रणाली, विशेष रूप से सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के क्षेत्राधिकार और शक्तियों को दर्शाता है। ‘पेरेंस पैट्रिया’ जैसे कानूनी शब्द और धार्मिक संस्थानों के प्रशासन से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों की समझ उम्मीदवारों के लिए आवश्यक है। यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति और कानून के तहत धार्मिक स्वतंत्रता और राज्य के हस्तक्षेप के बीच संतुलन पर भी प्रकाश डालता है, जो सामान्य जागरूकता और निबंध लेखन खंडों के लिए प्रासंगिक है।
स्रोत: The Hindu
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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