प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**करंट अफेयर्स नोट: हाईकोर्ट का फैसला – तीन सेकंड की देरी पर दिव्यांग को नौकरी से इन्कार गलत**
झारखंड हाईकोर्ट ने दुमका चौकीदार भर्ती में तीन सेकंड की देरी के कारण अयोग्य घोषित दिव्यांग महिला अभ्यर्थी को नियुक्ति का हकदार माना है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शारीरिक परीक्षा की दौड़ में मात्र तीन सेकंड की देरी किसी दिव्यांग अभ्यर्थी को नौकरी पाने के अधिकार से वंचित करने का आधार नहीं बन सकती। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को अगले आठ सप्ताह के भीतर संबंधित अभ्यर्थी को आधिकारिक नियुक्ति पत्र जारी करने का स्पष्ट आदेश दिया है। यह फैसला दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 2 और धारा 20 के तहत दिव्यांग अभ्यर्थियों को उचित सुविधाएं देने की राज्य सरकार की कानूनी और सांविधानिक जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।
यह निर्णय बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रशासनिक नियमों और संवैधानिक प्रावधानों के बीच संतुलन, विशेषकर दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर प्रकाश डालता है। उम्मीदवारों को ऐसे न्यायिक निर्णयों की जानकारी होनी चाहिए जो सरकारी नीतियों, भर्ती प्रक्रियाओं और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को प्रभावित करते हैं। यह मामला दिव्यांगों के समावेशी विकास और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए सरकार की जवाबदेही को भी दर्शाता है, जो अक्सर इन परीक्षाओं के सामान्य जागरूकता और निबंध लेखन खंडों में प्रासंगिक होता है।
स्रोत: amarujala.com
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