plutusacademy
सेमीकॉन 2.0 पोर्टल लॉन्च: भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा
सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रमसेमीकॉन 1.0सेमीकॉन 2.0चरणपहलादूसरा, तीसरा, चौथापरियोजनाएँ स्वीकृत12 परियोजनाएँ12 आवेदकनिवेश1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिकघोषित नहींवाणिज्यिक उत्पादन5 परियोजनाओं में शुरूघोषित नहीं
सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकॉन 2.0 वेब एप्लिकेशन पोर्टल लॉन्च किया और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तहत 12 स्वीकृत आवेदकों की घोषणा की, जिससे भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यह पहल भारत सरकार द्वारा देश में एक मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम स्थापित करने के लिए किए जा रहे ठोस प्रयासों का हिस्सा है। सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के पहले चरण (सेमीकॉन 1.0) के सफल क्रियान्वयन के बाद, छह राज्यों में 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली 12 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 05 में अक्टूबर 2026 तक वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत 1,27,500 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दी है, जो चिप डिजाइन, मशीनें और सामग्रियां, अधिक निर्माण इकाइयां (फैब्स), एटीएमपी/ओएसएटी उद्योग को सुदृढ़ बनाना, अनुसंधान एवं विकास और प्रतिभा विकास जैसे छह रणनीतिक स्तंभों पर केंद्रित है।

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

यह घोषणा बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की आर्थिक नीति, औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता के प्रयासों को दर्शाती है। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 12 नए आवेदकों की स्वीकृति और 7,503 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 7,127 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जो देश में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह पहल घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए नए अवसर सृजित करेगी, क्योंकि स्वीकृत इकाइयों में से लगभग 50 प्रतिशत एमएसएमई क्षेत्र से जुड़ी हैं। यह भारत को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के सरकार के दृष्टिकोण को भी रेखांकित करता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


Related guides on our sites

2 comments on “सेमीकॉन 2.0 पोर्टल लॉन्च: भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बढ़ावा”