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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

सरकार ने मादक पदार्थों की मांग को नियंत्रित करने और नशामुक्ति सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्य योजना (एनएपीडीडीआर) और नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) के तहत देश भर में 765 नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों को सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और गैर-सरकारी संगठनों को समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए निधि जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। मंत्रालय ने 29.68 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुंचने वाले राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों को नशामुक्ति के प्रति संवेदनशील बनाया है। यह प्रयास न केवल सामाजिक न्याय को बढ़ावा देता है, बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंकिंग एवं बीमा क्षेत्र में कार्यरत संस्थानों के लिए यह जानकारी इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज में स्वस्थ एवं उत्पादक वातावरण का निर्माण होता है, जो आर्थिक विकास में सहायक सिद्ध होता है।

एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में इस विषय से संबंधित प्रश्न राजनीति एवं शासन व्यवस्था के अंतर्गत पूछे जा सकते हैं। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही नशामुक्ति योजनाओं का उद्देश्य समाज में व्याप्त नशे की समस्या को कम करना है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देश की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिरता से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्य योजना के तहत स्थापित केंद्रों की संख्या में वृद्धि और जागरूकता अभियानों के विस्तार से सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। इसके अतिरिक्त, केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कुशल संचालन के लिए अपनाई गई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) से पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता में सुधार हुआ है, जो शासन व्यवस्था के बेहतर प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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