प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Environment
लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने 23 जुलाई 2026 को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती के अवसर पर संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर संसद सदस्य, पूर्व सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। लोकमान्य तिलक को ‘स्वराज’ का प्रबल समर्थक माना जाता था, जिनके प्रसिद्ध शब्द “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूँगा!” ने देशवासियों में स्वतंत्रता संग्राम के प्रति जागरूकता जगाई। उनके योगदान को सम्मानित करते हुए उनके चित्र का अनावरण 1956 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा किया गया था। यह घटना राष्ट्रीय एकता, स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जो वर्तमान में भी प्रासंगिक है।
लोकमान्य तिलक के विचार और संघर्ष बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उनके राष्ट्रवाद, समाज सुधार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों से संबंधित प्रश्न सामान्य ज्ञान, भारतीय इतिहास तथा नीतिगत मुद्दों पर पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, उनके “स्वराज” के सिद्धांत का संबंध शासन व्यवस्था, राजनीतिक चेतना तथा संविधान के मूल्यों से भी है, जो प्रशासनिक सेवाओं के लिए आवश्यक हैं। इस प्रकार, उनकी जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह का स्मरण न केवल राष्ट्रीय गौरव का विषय है, बल्कि परीक्षा की तैयारी के दृष्टिकोण से भी उपयोगी है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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