प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
आईपीसी (भारतीय औषध संहिता आयोग) ने हाल ही में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (डीएसएमएनआरयू) और सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सुगंधित पादप संस्थान (सीएसआईआर-सीआईएमएपी) के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे ‘विकसित यूपी-विकसित भारत’ के विजन को बल मिला है। आईपीसी द्वारा सीएसआईआर-सीआईएमएपी के साथ नवीनीकृत समझौते के तहत औषधीय पौधों के अनुसंधान, मानकीकरण और हर्बल दवाओं के गुणवत्ता मूल्यांकन को आगे बढ़ाया जाएगा, जबकि डीएसएमएनआरयू के साथ हुए नए समझौते का उद्देश्य दिव्यांगजनों के लिए उपयोग किए जाने वाले सहायक उपकरणों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा सांकेतिक भाषा आधारित फार्माकोविजिलेंस प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित करना है। इन पहलों से न केवल स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि वैज्ञानिक नवाचार और संस्थागत साझेदारियों को भी मजबूती मिलेगी।
यह विषय बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें शासन, स्वास्थ्य नीति और सार्वजनिक-निजी भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। आईपीसी द्वारा किए गए ये समझौते ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जो परीक्षा में ‘नीति निर्माण’, ‘स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार’ और ‘सार्वजनिक-निजी साझेदारी’ जैसे प्रश्नों के उत्तर देने में सहायक सिद्ध होंगे। इसके अतिरिक्त, फार्माकोविजिलेंस और हर्बल दवाओं के गुणवत्ता मानकों जैसे विषय भी ‘फार्मास्यूटिकल्स’ और ‘स्वास्थ्य सेवा’ से संबंधित प्रश्नों के लिए उपयोगी साबित होंगे।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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