प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारत सरकार ने हाल ही में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के माध्यम से टीवी रेटिंग नीति, 2026 को अधिसूचित किया है, जिसका उद्देश्य टेलीविज़न दर्शकों की मापन प्रणाली में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जवाबदेही को सुदृढ़ करना है। इस नीति के तहत टीवी रेटिंग एजेंसियों के लिए नेटवर्थ की आवश्यकता 20 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे अधिक कंपनियाँ इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगी। इसके अतिरिक्त, मीटर लगे घरों की संख्या 50,000 से बढ़ाकर 80,000 कर दी गई है, जिससे नमूने का आकार बढ़ेगा और आँकड़ों की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। नीति में हर तीन साल में एस्टैब्लिशमेंट सर्वे, सालाना स्वतंत्र ऑडिट, क्रॉस-होल्डिंग पर रोक और विभिन्न स्तरों पर जुर्माने का प्रावधान भी शामिल किया गया है, ताकि हितों के टकराव और अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके। यह नीति 16 जनवरी 2014 के पूर्ववर्ती दिशानिर्देशों की जगह लेगी और टीवी रेटिंग सेवाओं को तकनीकी रूप से तटस्थ बनाते हुए कनेक्टेड टीवी तथा ओटीटी प्लेटफॉर्मों को भी शामिल करेगी। इसके साथ ही, नीति में बोर्ड में कम से कम 33 प्रतिशत स्वतंत्र निदेशकों की अनिवार्यता और सुरक्षा मंज़ूरी जैसी सख्त शर्तें भी जोड़ी गई हैं, जिससे एजेंसियों की स्वायत्तता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
यह नीति बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें सरकारी नीतियों, नियामक ढाँचे और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित अवधारणाएँ शामिल हैं। उदाहरण के लिए, नीति में नमूने के आकार को बढ़ाने और ऑडिट व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया है, जो सांख्यिकीय डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सिद्धांतों से मेल खाता है—एक ऐसा विषय जो सामान्य जागरूकता अनुभाग में पूछा जाता है। इसके अलावा, क्रॉस-होल्डिंग पर
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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