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गोवा में 'नक्शा' परियोजना: भूमि अभिलेख सुरक्षा और डिजिटल शासन का नवाचार — गोवा में 'नक्शा' पायलट परियोजना की प्रमुख घटनाएं

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

भूमि संसाधन विभाग द्वारा गोवा में शुरू की गई ‘नक्शा’ पायलट परियोजना देश के शहरी क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना ड्रोन-आधारित मानचित्रण और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) का उपयोग कर गोवा के मार्गाओ, कुनकोलिम और पणजी जैसे प्रमुख शहरों में भूमि सीमाओं की सटीक पहचान सुनिश्चित करती है। इससे न केवल संपत्ति मालिकों को भविष्य के सीमा विवादों से बचाया जा सकेगा, बल्कि अनुपस्थित मालिकों के अधिकारों की भी रक्षा होगी। सरकार द्वारा 16 जुलाई से 14 अगस्त, 2026 तक चलने वाली औपचारिक जांच प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को अपने स्वामित्व दस्तावेजों को डिजिटल रूप से सत्यापित कराने का अवसर मिलेगा, जिससे पारदर्शिता और विश्वास में वृद्धि होगी। यह पहल डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भूमि संबंधी विवादों को न्यूनतम करना और शहरी नियोजन में सुधार करना है।

इस परियोजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यंत प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण से ऋण वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे बैंकों को जोखिम प्रबंधन में मदद मिलेगी। एसएससी परीक्षाओं में भूमि सुधारों, डिजिटल शासन और शहरी नियोजन जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में भूमि संसाधनों के प्रबंधन और डिजिटल पहलों के आर्थिक प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इस प्रकार, ‘नक्शा’ जैसी पहलों के माध्यम से सरकार द्वारा अपनाई जा रही तकनीकी और प्रशासनिक नवाचारों को समझना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक हो जाता है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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