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राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन: किसानों की संख्या और क्षेत्र में बढ़ोतरी, जानिए राज्यवार विवरण — राज्यवार प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत किसानों की संख्या

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (एनएमएनएफ) को केंद्र सरकार द्वारा 25 नवंबर 2024 को एक केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसका उद्देश्य पूरे देश में रसायन मुक्त प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है। यह मिशन पशुधन-समन्वित पारंपरिक खेती और भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित विविध फसल प्रणालियों को अपनाने पर केंद्रित है, जिससे मृदा स्वास्थ्य में सुधार, पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्स्थापन और किसानों की इनपुट लागत में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत अब तक 18,893 क्लस्टरों का गठन किया गया है, जिसमें 20.92 लाख से अधिक किसानों ने भाग लिया है और 10.32 लाख हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती को अपनाया गया है। इस पहल के माध्यम से सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र में स्थायी विकास को बढ़ावा देना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति किसानों की अनुकूलन क्षमता को सुदृढ़ करना है।

यह योजना बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें कृषि क्षेत्र से जुड़े नीति निर्माण, वित्तीय संसाधनों के आवंटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास जैसे मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादन लागत में कमी और मृदा स्वास्थ्य में सुधार जैसी पहलें किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण ऋण प्रवाह में सुधार कर सकती हैं, जो बैंकिंग प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, इस मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षित किसानों की संख्या और क्लस्टरों का गठन सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और संसाधनों के उपयोग का एक उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो नीति निर्माण और प्रशासनिक दक्षता से संबंधित प्रश्नों के लिए उपयोगी हो सकता है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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