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Banking, SSC & RBI Grade B exams के लिए 25 July 2026 की सबसे अहम करंट अफेयर्स, एक ही जगह।

1. हरियाणा की वायु प्रदूषण कार्य योजना की केंद्र सरकार ने की समीक्षा, जानिए प्रमुख बिंदु

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के साथ राज्य की वायु प्रदूषण कार्य योजना की समीक्षा बैठक में भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए चल रहे प्रयासों की प्रगति का आकलन करना था। श्री यादव ने सर्दियों के मौसम से पूर्व प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को मिशन मोड में लागू करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और नियमों के सख्त पालन पर जोर दिया। उन्होंने सड़कों की धूल नियंत्रण, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की तैनाती, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण तथा फसल अवशेष प्रबंधन जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। इसके अलावा, उन्होंने ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ पहल के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए स्वचालित नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों की तैनाती का सुझाव दिया। बैठक में हरियाणा के पर्यावरण मंत्री सहित राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

यह घटना पर्यावरण संरक्षण और शासन प्रणाली के अंतर्संबंध को दर्शाती है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए केंद्र-राज्य समन्वय, नीति निर्माण और कार्यान्वयन के दृष्टिकोण से यह विषय शासन व्यवस्था के तहत ‘सहकारी संघवाद’ और ‘नीति कार्यान्वयन’ जैसे मुद्दों से जुड़ा है। इसके अतिरिक्त, पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में तकनीकी नवाचार (जैसे जीपीएस टैगिंग, ओसीईएमएस प्रणाली) और जनभागीदारी की भूमिका भी परीक्षा के दृष्टिकोण से प्रासंगिक है। साथ ही, इस प्रकार की पहलों से ‘स्वच्छ भारत मिशन’, ‘पराली प्रबंधन’ और ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी’ जैसे सरकारी कार्यक्रमों के तहत चल रहे प्रयासों को भी समझने

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


2. अंतर्देशीय जलमार्ग विकास: भारत की बहुआयामी परिवहन प्रणाली का नया आधार

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

भारत सरकार ने मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के अंतर्गत अंतर्देशीय जल परिवहन (आईडब्ल्यूटी) को देश की परिवहन प्रणाली का एक प्रमुख स्तंभ बनाने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य विश्वस्तरीय जलमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना है, जिसमें बहुआयामी टर्मिनल, सामुदायिक जेट्टी, नदी क्रूज टर्मिनल, क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र और हरित पोत प्रौद्योगिकी शामिल हैं। आईडब्ल्यूएआई द्वारा पीएएनआई, जलयान और नाविक पोर्टल, सीएआर-डी तथा जल समृद्धि पोर्टल जैसे डिजिटल सुधारों से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार हुआ है, जिससे 32 राष्ट्रीय जलमार्गों पर संचालन शुरू हो चुका है। पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत इन जलमार्गों का निर्बाध एकीकरण रसद लागत को कम करने, हरित गतिशीलता को बढ़ावा देने और समावेशी आर्थिक विकास को गति देने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

अंतर्देशीय जल परिवहन रेल और सड़क परिवहन की तुलना में अधिक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है, जिससे परिवहन नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम होती है। आर्थिक तुलना में आईडब्ल्यूटी की माल ढुलाई लागत 1.06 रुपये प्रति टन-किलोमीटर है, जबकि रेलवे 1.36 रुपये और सड़क परिवहन 2.50 रुपये प्रति टन-किलोमीटर है। पर्यावरणीय दृष्टि से भी आईडब्ल्यूटी का उत्सर्जन और प्रदूषण स्तर काफी कम है। सरकार द्वारा जलवाहक योजना, टन भार कर का विस्तार, राष्ट्रीय जलमार्ग विनियम 2025 और पीएसयू द्वारा माल ढुलाई में बदलाव जैसे नीतिगत उपायों से इस क्षेत्र को और मजबूती मिल रही है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में चल रही परियोजनाएं जैसे एनडब्ल्यू-2 पर फेयरवे विकास, पांडू में जहाज मरम्मत सुविधा और डिब्रूगढ़ में क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र देश के जलमार्ग विकास

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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