मानचित्र व माइंड-मैप: PLI Scheme for Textiles in Key States
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**पीएलआई योजना** वस्त्र मंत्रालय द्वारा देश में एमएमएफ परिधान, एमएमएफ फैब्रिक्स और तकनीकी वस्त्रों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई एक प्रमुख उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, विनिर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करना, वस्त्र क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना तथा चिन्हित उत्पाद श्रेणियों में उत्पादन को प्रोत्साहित करना है। योजना के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए वस्त्र मंत्रालय द्वारा समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं, जबकि लाभार्थी कंपनियों के साथ साप्ताहिक ‘ओपन हाउस’ सत्र और मासिक कार्यशालाएं भी आयोजित की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से योजना के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है, जिससे हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। अब तक पूरे देश में 170 कंपनियों को इस योजना के अंतर्गत मंजूरी दी गई है, जिनमें महाराष्ट्र की 24 कंपनियां शामिल हैं, जिन्होंने 31 मार्च, 2026 तक 167.51 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
अक्टूबर 2025 में किए गए संशोधनों के माध्यम से पीएलआई योजना को और अधिक आकर्षक बनाया गया है। इन संशोधनों में एमएमएफ परिधान और फैब्रिक्स के लिए 17 नए एचएसएन कोड जोड़ना, नई कंपनियों को योजना का लाभ देने के लिए स्थापना संबंधी छूट प्रदान करना, न्यूनतम निवेश सीमा में 50 प्रतिशत की कमी तथा वृद्धिशील कारोबार के मानदंड को 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करना शामिल है। इन बदलावों के परिणामस्वरूप योजना के तीसरे दौर में प्राप्त 96 आवेदनों में से लगभग 68 प्रतिशत आवेदन एमएसएमई क्षेत्र से प्राप्त हुए हैं, जिससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस प्रकार, पीएलआई योजना न केवल वस्त्र क्षेत्र में आत्मनिर्भ
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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