प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**पुंयम पूंकावनम परियोजना के पुनरुद्धार से केरल उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन होने का जोखिम**
केरल सरकार द्वारा सबरीमाला मंदिर में ‘पुंयम पूंकावनम’ परियोजना के पुनरुद्धार से केरल उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन होने का जोखिम उत्पन्न हो गया है। उच्च न्यायालय की देवस्वम पीठ ने फरवरी 2025 में Travancore Devaswom Board और केरल पुलिस को निर्देश दिया था कि वे श्रद्धालुओं को स्पष्ट रूप से सूचित करें कि यह परियोजना पुलिस बैंडोबस्त योजना का हिस्सा नहीं है और सबरीमाला से जुड़े किसी भी गतिविधि के लिए इसके नाम का उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके अतिरिक्त, यदि सरकार ने पुलिस अधिकारी M.R. अजीतकुमार द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट को निराधार पाया है, तो उन्हें न्यायालय को झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के अपराध में कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है, जो भारतीय न्याय संहिता की धारा 212 के अंतर्गत दंडनीय है।
इस परियोजना की शुरुआत सबरीमाला के सन्निधानम, पम्पा तथा आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से की गई थी, किंतु इसमें अवैध धन संग्रहण और पुलिस विभाग के अधिकार क्षेत्र से बाहर की गतिविधियों के आरोप लगाए गए थे। अजीतकुमार की रिपोर्ट में कहा गया था कि परियोजना समन्वयकों द्वारा निजी व्यक्तियों और संगठनों से धन तथा अन्य वस्तुओं का संग्रहण किया गया और सेवारत तथा सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों द्वारा देश-विदेश में यात्राएं की गईं, जिनके लिए धन की आवश्यकता थी। सरकार द्वारा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक P. विजयन को क्लीन चिट दिए जाने के बावजूद इस परियोजना के पुनरुद्धार से न्यायालय के आदेश का उल्लंघन हो सकता है, जिससे न्यायिक अवमानना का जोखिम भी उत्पन्न हो रहा है। यह मामला न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बल्कि न्यायपालिका के प्रति सरकार की जवाबदेही को भी उजागर करता है, जो बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषय है।
स्रोत: The Hindu
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