प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना** के अंतर्गत मध्यम आय वर्ग और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को रूफटॉप सोलर प्रणाली (आरटीएस) उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक प्रावधान किए हैं। इस योजना में पहले दो किलोवाट-पीक क्षमता वाले आरटीएस सिस्टम के लिए अधिक केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है, जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों से 5.75% वार्षिक ब्याज दर (रेपो दर + 50 बीपीएस) पर 10 वर्षों के लिए बिना गारंटी वाला ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके अतिरिक्त, आरईएससीओ और यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन (यूएलए) मॉडल भी शामिल हैं, जिससे सिस्टम की स्थापना और रखरखाव में सुविधा होती है। योजना के तहत 2024-25 से 2026-27 तक के बजट आवंटन क्रमशः 6,250 करोड़ रुपये, 20,000 करोड़ रुपये और 22,000 करोड़ रुपये हैं, जिनमें से अब तक 48,02,717 घरों में 39,72,447 आरटीएस सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इससे लाभार्थियों के बिजली बिल में काफी कमी आई है, जबकि 18.93 लाख से अधिक लोगों को कुछ महीनों तक शून्य बिल का लाभ मिला है।
इस योजना का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग क्षेत्र के लिए यह योजना वित्तीय समावेशन, ऋण वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी पहलों के प्रति जागरूकता को दर्शाती है, जो एसबीआई, पीओ और आईबीपीएस परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में भी सरकारी योजनाओं, बजट आवंटन और उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें इस योजना का उल्लेख किया जा सकता है। आरबीआई ग्रेड बी में भी नीतिगत पहलों, वित्तीय सहायता और उनके आर्थिक प्रभावों पर प्रश्नों के माध्यम से इसकी प्रासंगिकता देखी जा सकती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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