मानचित्र व माइंड-मैप: FAME India Scheme Phase-II and EV Ecosystem
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारत में (हाइब्रिड एवं) इलेक्ट्रिक वाहनों को तीव्र अपनाने और विनिर्माण (फेम इंडिया) योजना चरण-II का उद्देश्य देश में ईवी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना है। सरकार ने इस योजना को 01.04.2019 से 31.03.2024 तक पाँच वर्ष की अवधि के लिए 11,500 करोड़ रुपये के बजटीय समर्थन के साथ लागू किया था। इसके अंतर्गत ई-2 डब्ल्यू, ई-3 डब्ल्यू तथा ई-4 डब्ल्यू जैसे छोटे वाहनों के साथ-साथ ई-बसों एवं सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना को प्रोत्साहन दिया गया। इस योजना के माध्यम से अब तक लगभग 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को सहायता मिल चुकी है, जबकि 5,197 इलेक्ट्रिक बसें तैनात की गई हैं। इसके अतिरिक्त, देशभर में 912.50 करोड़ रुपये आवंटित कर 30,000 से अधिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में मदद की गई है। यह पहल पर्यावरणीय स्थिरता के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक है, जिससे रोजगार सृजन एवं तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
इस योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। बैंकिंग क्षेत्र में, ईवी अपनाने से संबंधित सरकारी योजनाओं के माध्यम से ऋण प्रवाह, सब्सिडी एवं निवेश के अवसरों में वृद्धि होती है, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। एसएससी परीक्षाओं में, इस योजना के अंतर्गत आवंटित बजट, लक्ष्य एवं उपलब्धियों जैसे तथ्यों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में, ईवी क्रांति के कारण उत्पन्न होने वाले मौद्रिक नीति के प्रभाव, जैसे कि हरित बांड, सब्सिडी एवं कर संरचना में बदलाव, पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इस प्रकार, यह योजना न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से बल्कि आर्थिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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