प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0 का कार्यान्वयन कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2022-23 से शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य मांग-आधारित, तकनीक-सक्षम और अभ्यर्थी-केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस योजना के तहत राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप मानकीकृत पाठ्यक्रम, मूल्यांकन और प्रमाणन सुनिश्चित किए जाते हैं, जिसमें 600 से अधिक भविष्योन्मुखी जॉब रोल्स जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, रोबोटिक्स, ग्रीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर निर्माण को शामिल किया गया है। स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) के माध्यम से उम्मीदवारों के कौशल विकास को डिजिटल रूप से प्रबंधित किया जाता है, जिससे उद्योगों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित होता है। योजना के प्रभाव मूल्यांकन में पाया गया है कि प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवारों के रोजगार में 18.8 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई है, जबकि 41.4% एसटीटी और 48.9% आरपीएल उम्मीदवारों ने आय में सुधार दर्ज किया है।
पीएमकेवीवाई 4.0 का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है, क्योंकि यह सरकार की कौशल विकास और रोजगार सृजन नीतियों को दर्शाता है। बैंकिंग क्षेत्र में, इस योजना के माध्यम से प्रशिक्षित उम्मीदवार बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और तकनीकी भूमिकाओं के लिए तैयार होते हैं, जो वित्तीय समावेशन और डिजिटल बैंकिंग के विस्तार में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में, पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत कौशल विकास और रोजगार से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में आर्थिक नीतियों और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से इस योजना का उल्लेख किया जा सकता है। इस प्रकार, यह योजना न केवल य
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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