मानचित्र व माइंड-मैप: Green Highways Projects in India
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
ग्रीन हाईवे परियोजनाएं पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों पर वृक्षारोपण, प्रत्यारोपण, सौंदर्यकरण और रखरखाव को बढ़ावा देती हैं। सरकार द्वारा वर्ष 2015 में शुरू की गई ग्रीन हाईवे नीति के तहत भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों के राइट ऑफ वे (आरओडब्लू) पर अतिरिक्त भूमि का उपयोग कर लगभग 1.32 लाख किमी राष्ट्रीय राजमार्गों को पिछले पांच वर्षों में 3.61 करोड़ से अधिक पौधों से आच्छादित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य न केवल हरित आवरण बढ़ाना है, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव में पुनर्चक्रित सामग्रियों, अपशिष्ट उत्पादों और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के उपयोग को भी प्रोत्साहित करना है। इसमें बैम्बू क्रैश बैरियर, फ्लाई ऐश, रिक्लेम्ड डामर पेवमेंट, प्लास्टिक कचरे का उपयोग, मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण और ड्रोन द्वारा निगरानी जैसी नवीन तकनीकों का समावेश किया गया है, जिससे सड़क निर्माण के दौरान उत्सर्जन में कमी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में मदद मिल रही है।
ग्रीन हाईवे परियोजनाओं का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक प्रासंगिक है। इन परियोजनाओं के माध्यम से सरकार द्वारा अपनाई जा रही पर्यावरण-अनुकूल नीतियां और तकनीकी सुधार देश के आर्थिक विकास के साथ-साथ सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। बैंकिंग क्षेत्र में जहां हरित परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों के आवंटन और पर्यावरणीय जोखिम प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं, वहीं एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी पर्यावरण संरक्षण, सरकारी योजनाओं और तकनीकी नवाचारों से संबंधित प्रश्नों की प्रधानता रहती है। इसके अतिरिक्त,
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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