✎ पीएम-किसान योजना किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान कर कृषि निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 31 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है, जिसमें कुल 3.15 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन किया जाएगा। यह योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी और इसके माध्यम से पात्र भूमिधारक किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में आधार-आधारित प्रमाणीकरण और डिजिटल सत्यापन के जरिए हस्तांतरित की जाती है। इस योजना ने पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही का एक सफल मॉडल स्थापित किया है, जिसमें अब तक 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों तक पहुंचाई जा चुकी है। महिला किसानों को भी इस योजना का लाभ मिला है, जिनके खातों में 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई है। कोविड-19 जैसी चुनौतियों के दौरान भी इस योजना ने किसानों को 1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की, जिससे उनकी आर्थिक स्थिरता बनी रही।
इस निर्णय का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। पीएम-किसान योजना प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्रणाली का एक प्रमुख उदाहरण है, जो सरकारी योजनाओं के कुशल वितरण में तकनीकी नवाचार को प्रदर्शित करती है। इससे बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल लेनदेन, वित्तीय समावेशन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, सरकारी बजट आवंटन, कृषि क्षेत्र में निवेश, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के अध्ययन के लिए यह योजना महत्वपूर्ण है। एसएससी परीक्षाओं में इसके माध्यम से सरकारी नीतियों, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली, और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर प्रश्न तैयार किए जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए यह योजना कृषि क्षेत्र
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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