✎ युवाओं के लिए राष्ट्रीय आयोग का प्रस्तावित गठन युवाओं की बेरोजगारी और कौशल विकास पर केंद्रित है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**हाल ही में, एनडीए की सहयोगी पार्टी एलजेपी (लोक Janshakti Party) के सांसद अरुण भारती ने लोकसभा में एक निजी सदस्य विधेयक प्रस्तुत किया है, जिसमें राष्ट्रीय युवा आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की मांग की गई है। यह विधेयक दो साल की मेहनत का परिणाम है और इसका उद्देश्य युवाओं की बेरोजगारी, कौशल विकास, उद्यमिता तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक स्थायी संस्थागत ढांचा तैयार करना है। वर्तमान में युवा मामलों को केवल खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय द्वारा देखा जाता है, जबकि 2002-2004 के बीच एक गैर-सांविधिक राष्ट्रीय युवा आयोग कार्यरत था, जिसे बाद में बंद कर दिया गया था। एलजेपी नेता चिराग पासवान के प्रयासों से प्रेरित यह विधेयक उस राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें युवाओं की चिंताओं को संस्थागत रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।**
**बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें संविधान के तहत एक स्थायी संस्था की स्थापना का प्रस्ताव शामिल है, जो युवाओं से संबंधित नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसके अतिरिक्त, हाल ही में हुए सरकारी परीक्षा संशोधन विधेयक पर हुए विवादों तथा जीन-जेड द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में भी यह विधेयक प्रासंगिक है, क्योंकि इससे युवाओं की आकांक्षाओं एवं सरकारी नौकरियों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद मिल सकती है। इस विधेयक के माध्यम से युवाओं के मुद्दों को संस्थागत रूप देने के प्रयासों को परीक्षा में नीति निर्माण, संवैधानिक संस्थाओं के महत्व तथा युवाओं के आर्थिक-सामाजिक मुद्दों के संदर्भ में पूछा जा सकता है।**
स्रोत: The Hindu
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