✎ भू-राजनीतिक व्यवधानों के प्रभाव से निपटने हेतु सरकार द्वारा निरंतर निगरानी एवं समन्वित उपायों पर ध्यान केंद्रित।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भू-राजनीतिक व्यवधानों के कारण वैश्विक समुद्री व्यापार और रसद प्रणालियों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। भारत सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए एक सुदृढ़ संस्थागत तंत्र स्थापित किया है, जिसमें वाणिज्य विभाग के अंतर्गत गठित अंतर-मंत्रालयी समूह प्रमुख भूमिका निभा रहा है। इस समूह में विदेश मंत्रालय, पोत परिवहन मंत्रालय, रिजर्व बैंक, सीबीआईसी सहित विभिन्न विभाग शामिल हैं, जो निरंतर अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्गों, निर्यात-आयात माल की आवाजाही, बंदरगाह संचालन और रसद लागतों की निगरानी कर रहे हैं। सरकार ने इन व्यवधानों के प्रभाव को कम करने के लिए प्रमुख बंदरगाहों पर परिचालन सहायता, भूमि किराया एवं विलंब शुल्क में छूट, रेल संपर्क के माध्यम से कंटेनर निकासी सुविधा तथा व्यापार सुगमता उपायों को लागू किया है। इसके अतिरिक्त, निर्यात ऋण अवधि में वृद्धि, एमएसएमई के लिए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना और घरेलू समुद्री बीमा पूल के लिए संप्रभु गारंटी जैसी पहलों से निर्यातकों को राहत मिल रही है। ये कदम न केवल आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ कर रहे हैं, बल्कि निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
इस संदर्भ में भू-राजनीतिक व्यवधानों और अंतर्देशीय आर्थिक गलियारों का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। बैंकिंग परीक्षाओं में निर्यात ऋण गारंटी योजनाओं, व्यापार सुगमता उपायों तथा रसद लागत में कमी जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी में अंतर-मंत्रालयी समूहों की संरचना एवं कार्यप्रणाली पर आधारित प्रश्नों की संभावना है। आरबीआई ग्रेड बी में वैश्विक व्यापार प्रणालियों पर भू-राजनीतिक प्रभाव तथा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्यातकों को दी जाने वाली ऋण सुविधाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा उठ
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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