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Supreme Court Stays Order To Bring National Stock Exchange Under RTI Act — concept mind map

✎ एनएसई को आरटीआई के दायरे में लाने से वित्तीय पारदर्शिता और नियामक जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

आरटीआई कानून के तहत एनएसईपूर्व स्थितिनया आदेशआरटीआई लागू होनानहींहाँन्यायालय का फैसलानहींदिल्ली उच्च न्यायालयसर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेपनहींस्थगन आदेशनियामक निकायसेबीआरटीआई अधिनियम
आरटीआई कानून के तहत एनएसई

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के दायरे में लाने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने कहा कि आरटीआई अधिनियम के तहत एनएसई को सार्वजनिक प्राधिकरण के रूप में मानने का मामला अभी विचाराधीन है और इस पर अंतिम निर्णय आने तक उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक रहेगी। यह मामला इस बात पर केंद्रित है कि क्या एनएसई, जो एक स्व-नियामक संगठन है, आरटीआई के दायरे में आता है या नहीं। इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने एनएसई को आरटीआई के तहत लाने का आदेश दिया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दिया है।

इस मामले का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। आरटीआई अधिनियम के दायरे में संस्थाओं को लाने के मामले में न्यायालय के दृष्टिकोण का अध्ययन करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों पर प्रकाश पड़ता है। इसके अलावा, एनएसई जैसे स्व-नियामक संगठनों की भूमिका और उनके नियामक ढांचे पर भी परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिससे यह विषय बहुआयामी हो जाता है।

स्रोत: ndtv.com


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