✎ सीबीएसई की तीन-भाषा नीति में कक्षा 6 से 10 तक तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य है, जिसमें दो भारतीय भाषाएं शामिल होंगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**CBSE की तीन-भाषा नीति: हर माता-पिता को क्या जानना चाहिए**
CBSE ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCFSE) 2023 के आधार पर कक्षा VI से X तक के छात्रों के लिए तीन-भाषा नीति (R1, R2, R3) को अनिवार्य कर दिया है। इसमें दो भारतीय भाषाओं (हिंदी, क्षेत्रीय या शास्त्रीय) और एक तीसरी भाषा (विदेशी या भारतीय) का विकल्प दिया गया है। कक्षा IX-X के लिए R3 में बोर्ड परीक्षा नहीं होगी, बल्कि आंतरिक मूल्यांकन होगा, जिससे परीक्षा दबाव कम होगा। यह नीति छात्रों को बहुभाषी बनाकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का प्रयास है।
यह नीति बैंकिंग, SSC और RBI ग्रेड B जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बहुभाषी कौशल साक्षात्कार और समूह चर्चाओं में लाभकारी होता है। साथ ही, सरकारी नौकरियों में क्षेत्रीय भाषाओं का ज्ञान अतिरिक्त अंक दिला सकता है, जिससे उम्मीदवारों की तैयारी में यह नीति सहायक सिद्ध हो सकती है।
स्रोत: Hindustan Times
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